भागलपुर, अगस्त 18 -- हिन्दुस्तान विशेष संजय कुमार भागलपुर। नील तिलापिया व अफ्रीकी कैटफिश जैसी गैरदेसी नस्ल की मछली गंगा की मछलियां चट कर जा रही हैं। पिछले साल यह बाढ़ में बहकर गंगा में आई थी और देसी नस्ल की मछलियों को निवाला बनाया था। इससे पहले गंगा किनारे पाई जाने वाली कॉमन कॉर्प ने देसी किस्म की लुप्त मछलियों का खात्मा कर दिया था। इस बार भी गंगा में आई बाढ़ को देखकर मत्स्य विभाग और मछुआरा वर्ग सशंकित हैं। विभाग के अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि भागलपुर से साहिबगंज तक डाउन स्ट्रीम में गंगा में इन प्रवासियों का ठहराव तय है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गंगा में आई बाढ़ से देसी मछलियों पर संकट मंडरा रहा है। बाढ़ का पानी अपने साथ विदेशी मछलियों को भी ला रहा है, जो देसी मछलियों के लिए खतरा बन रही हैं। इसके अलावा, बाढ़ से होने वाले प्रदूषण...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.