समस्तीपुर, जनवरी 7 -- सरायरंजन। नीलबकरी एवं जंगली सुअरों के आखेट के लिए पंचायत के मुखिया को अधिकृत किया गया है। इसके लिये पत्र जारी कर पैसे का प्रावधान भी 2022 से ही निर्गत किया गया है। लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों के द्वारा निलबकरी एवं जंगली सुअरों को मारने का कोई उपाय नहीं किया जा रहा है। क्षेत्र में निलबकरी एवं जंगली सुअरों के द्वारा फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। बताते चलें की बिहार सरकार के द्वारा दोनों जानवर के आखेट के लिए (बुलेट का खर्च) 750 रुपये प्रति निलबकरी एवं जंगली सुअर को मारने के लिए 1250 रुपया मंजूर किया गया था। इस राशि से निलबकरी को मारकर उन्हें जमीनदोज करने का भी निर्देश दिया गया था। ज्ञात हो कि निलबकरी एवं जंगली सुअरों को मारने के लिए दो वर्ष पूर्व एक दो आखेटक आए भी थे। उन्होंने दो चार को मारा भी था लेकिन आखेटक क...