चंदौली, नवम्बर 10 -- चकिया, हिन्दुस्तान संवाद। जिले के पहाड़ी क्षेत्रों से सटे गांव में शीतकाल के आरंभ होने के साथ ही नील गायों का खतरा भी बढ़ गया है। दलहनी फसलों के लिए आतंक का पर्याय बनी नील गायों से किसान सशंकित हैं, उन्हें डर है कि कहीं उनकी साल भर की कमाई चौपट न हो जाए। किसानों ने वन विभाग के अधिकारियों से नील गायों की समस्या का निस्तारण कराने की गुहार लगाई है। जनपद के दक्षिणांचल में चकिया और नौगढ़ तहसील के पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों द्वारा व्यापक स्तर पर दलहनी फसलों की खेती की गई है। वर्तमान में अरहर की फसल अपने उफान पर हैं, वही अरहर के हरे पत्ते नील गायों को अपनी ओर आकर्षित भी कर रहे हैं। परिणाम स्वरूप रात्रि के समय पहाड़ी से उतर कर नील गायों का झुंड अरहर के खेत में पहुंचकर खड़ी फसल को देखते ही देखते चट कर जा रहे हैं। किसानों द्व...
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