औरंगाबाद, मई 22 -- कुटुंबा प्रखंड में नीलगाय के बढ़ते उत्पात और ग्रास हॉपर के प्रकोप से गरमा फसलों की खेती गंभीर संकट में है। स्थानीय किसानों के अनुसार, नीलगाय के झुंड और ग्रास हॉपर रातों-रात खेतों में लगी फसलों को नष्ट कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों ने फसल नष्ट होने के डर से खेती करना बंद कर दिया है, जबकि अन्य नुकसान सहते हुए भी खेती जारी रखे हुए हैं। किसानों ने बताया कि खेती उनकी आजीविका का प्रमुख स्रोत है लेकिन वन्यजीवों और कीटों के हमले इसे जोखिम भरा बना रहे हैं। फसलों की सुरक्षा के लिए कुछ किसानों ने खेतों में पुतले लगाने, शोर मचाने और रासायनिक कीटनाशकों का छिड़काव जैसे उपाय अपनाए लेकिन बड़े झुंडों और कीटों की भारी संख्या के सामने ये उपाय अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। ...
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