धनबाद, अगस्त 31 -- धनबाद, रविकांत झा पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या में एमपी-एमएलए के विशेष न्यायाधीश दुर्गेशचंद्र अवस्थी ने अपने जजमेंट में सिलसिलेवार ढंग से लचर पुलिसिया अनुसंधान और अभियोजन की चूक का जिक्र किया है। नीरज हत्याकांड में कुसुम विहार स्थित सिंफर के डिप्टी डायरेक्टर रामअह्लद राय का वह मकान अनुसंधान के केंद्र में था, जिसमें कथित शूटरों को ठहराने का दावा किया गया था, लेकिन ट्रायल के दौरान पुलिस इस मकान को शूटरों और साजिशकर्ताओं की पनाहगार साबित करने में विफल रही। कोर्ट ने अपने फैसले में सवाल उठाया कि जब कुसुम विहार स्थित घर के मालिक आरए राय और उनकी पत्नी उम्दा देवी की मदद शूटरों की स्केच बनाने में ली गई तो ऐसे में उनसे जेल में बंद शूटरों की पहचान परेड क्यों नहीं कराई गई जबकि पति-पत्नी ने जेल में हुई टीआईपी ...
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