पीलीभीत, सितम्बर 18 -- पीलीभीत। श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल द्वारा राधा रमन मंदिर में आयोजित सप्त दिवसीय श्री राम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा अधिकांश व्यक्ति अपनी कामना पूर्ति के लिए ही साधना एवं पूजा करते हैं। भगवान की कृपा से उनकी कामना की पूर्ति भी होती है पर जो भक्त अपनी आराधना और पूजा के बदले में भगवान से कुछ नहीं चाहता उस निष्काम भक्त को भगवान की भक्ति की प्राप्ति होती है। रामायण में जब केवट ने प्रभु राम को गंगा के पार किया। भगवान ने उसे मजदूरी देना चाहा। तो केवट ने इनकार कर दिया और कहा कि प्रभु आपके श्री चरणों को प्राप्त करने के बाद मुझे कुछ भी पाना बाकी ना रहा। मुझे सब कुछ मिल गया। मुझे अब कुछ नहीं चाहिए। भगवान राम के बहुत आग्रह करने के बाद भी जब केवट ने कुछ नहीं लिया। तब भगवान ने उसे अपनी भक्ति प्रदान की...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.