नई दिल्ली, जुलाई 26 -- निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को 17 जुलाई को एक पत्र भेजा, जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला है। इसमें सिफारिश की गई कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को काम करने की स्वतंत्रता और प्रशासनिक अधिकार दिए जाएं। साथ ही, एक अलग निर्वाचन विभाग का गठन करने की मांग भी शामिल थी। सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार जल्द ही मुख्य निर्वाचन कार्यालय में लंबित नियुक्तियों को तेजी से भरेगी। वित्तीय मंजूरी में लगने वाले समय को कम करने की दिशा में भी कदम उठाया जाएगा। यह भी पढ़ें- इतने बच्चे सुसाइड कर रहे, अनदेखा नहीं कर सकते.SC ने स्कूल-कॉलेजों दी सख्त हिदायत यह भी पढ़ें- जिस महाभियोग की वजह से धनखड़ ने छोड़ा पद, वह राज्यसभा में स्वीकार नहीं; आगे क्या चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत को लिखे पत्र में कई सुझाव दि...