उन्नाव, जनवरी 22 -- उन्नाव। 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग न होने वाले मतदाताओं के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की कवायद गले की फांस बन गई है। इसके लिए जिला निर्वाचन विभाग से थमाई गई नोटिसों को लेकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए भटक रहे है। हर रोज बूथों पर लंबी कतार नजर आ रही है। इस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा विवाहित महिलाएं या फिर यह कहे कि 100 में 85 फीसदी महिलाएं परेशान है। सालों पहले मायके से नाता छोड़ चुकी महिलाओं में अधिकांश ऐसी है जिनका अब वहां कोई रिकार्ड नहीं बचा है। 2003 की सूची से संबधित के गायब नामों के बाद आयोग से तय दस्तावेजों की कमी और जानकारी का अभाव से वह मारी-मारी घूम रही है। कोई बीएलओ पर जानकारी न देने का आरोप मढ़ रहा है तो कोई एसआईआर को कोस रहा है। हालांकि आयोग से तय नियमों में 40 साल से ऊपर के निर्वाचक के लिए 1...
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