गोपालगंज, जुलाई 23 -- पंचदेवरी, एक संवाददाता। पंचदेवरी प्रखंड के श्रीराम जानकी मंदिर भाठवां में चल रहे श्रीमद् भागवत सह राम कथा के तीसरे दिन मानस मर्मज्ञ रामअवध शुक्ला रामायणी ने कहा कि धरती पर अधर्म का बोलबाला होता है, तब भगवान का किसी न किसी रूप में अवतार होता है। भगवान चारों दिशाओं में विद्यमान है। इन्हें प्राप्त करने का मार्ग मात्र सच्चे मन की भक्ति ही है। उन्होंने कहा कि भगवान सर्वत्र व्याप्त है। प्रेम से पुकारने व सच्चे मन से सुमिरन करने पर भगवान कहीं भी प्रकट हो सकते हैं। भगवान राम के जन्म की व्याख्या करते हुए बताया कि सतकृपा के तप से भगवान ने राजा दशरथ व रानी कौशल्या के घर जन्म लिया। भगवान राम के जन्म की व्याख्या के दौरान जैसे ही कथा व्यास ने भजन गाया, वैसे ही श्रोता झूम उठे। उन्होंने धर्म और संप्रदाय में अंतर को समझाते हुए बताया ...
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