गोरखपुर, जनवरी 8 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। गोरखपुर में निराश्रित कुत्तों की बढ़ती संख्या और रैबीज के खतरे के बीच नगर निगम की नसबंदी, एंटी रैबीज टीकाकरण और डीवर्मिंग की व्यवस्था सवालों के घेरे में है। प्रदेश में निराश्रित कुत्तों की नसबंदी एवं टीकाकरण के मामले में गोरखपुर 14वें स्थान पर है, जहां प्रतिदिन औसतन सिर्फ 24 कुत्तों की ही नसबंदी एवं टीकाकरण हो पा रहा है। वहीं, डी वर्मिंग की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी है। इस रफ्तार से साल भर में महज करीब 8,760 कुत्तों की नसबंदी एवं टीकाकरण संभव है, जबकि भारत सरकार ने साल 2030 तक रैबीज मुक्त शहर का लक्ष्य तय किया है। आंकड़े बताते हैं कि 15 दिसंबर से अब तक एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर में केवल 552 कुत्तों की नसबंदी एवं टीकाकरण किया गया है। निराश्रित कुत्तों की नसबंदी एवं टीकाकरण के मामले म...
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