लखनऊ, फरवरी 17 -- उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भ्रष्टाचार और नियुक्तियों में होने वाली गड़बड़ी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में हुए एक बड़े नियुक्ति घोटाले की परतें खोलने की तैयारी कर ली है। मामला कई साल पुराना है, लेकिन इसमें हुए फर्जीवाड़े के तार इतने गहरे हैं कि अब शासन ने इसके लिए एक उच्चस्तरीय तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस कार्रवाई से विभाग के उन अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, जो इस पूरे खेल में शामिल रहे हैं। जांच का दायरा केवल वर्तमान नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान हुई भर्तियों को भी रडार पर लिया गया है।इन खास वर्षों की भर्तियों की होगी...
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