लखनऊ, जनवरी 27 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। नियामक आयोग ने यूपी ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन और यूपी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (यूपीएसएलडीसी) का वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्ताव (एआरआर) स्वीकार लिया है। आयोग ने दोनों कंपनियों को आदेश दिए हैं कि अगले सात दिनों के भीतर वे प्रस्ताव सार्वजनिक कर दें ताकि उसके बाद 21 दिनों में उपभोक्ताओं से आपत्तियां ली जा सकें। उपभोक्ताओं की आपत्तियां और सुझाव मिलने के बाद प्रस्ताव पर खुली सुनवाई की जाएगी। फरवरी अंत या मार्च में सुनवाई की उम्मीद है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि वह आपत्तियों और सुझावों के साथ आयोग में जाएगा। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पूरे देश में रोस्टर व्यवस्था समाप्त हो चुकी है और उपभोक्ता अधिकार अधिनियम-2020 के मुताबिक शहरी और ग्रामीण सभी हिस्से में 24 घंटे निर्ब...