संतकबीरनगर, सितम्बर 20 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के नाथनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में मनरेगा की परियोजनाओं पर हुए टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा होने लगा है। टेंडर प्रक्रिया में जिलाधिकारी द्वारा निर्गत हैसियत प्रमाण पत्र और चरित्र को आधार बना कर स्थानीय फर्मों को बाहर कर दिया गया। आरोप है कि चहेती फर्मों को सप्लाई का अधिकार देने के लिए मनमाने ढंग से टेंडर किया गया। अब ग्राम पंचायतें गैर जनपद की फर्मों को सप्लाई ऑर्डर देने से कतराने लगी हैं। बीडीओ नाथनगर की अध्यक्षता में बीडीओ कार्यालय में गठित समिति ने आमंत्रित निविदा प्रपत्रों की जांच की। प्रक्रिया में कुल 13 फर्मों ने हिस्सा लिया। 5 स्थानीय फर्मों के आवेदन को जिलाधिकारी द्वारा जारी हैसियत प्रमाण पत्र और चरित्र प्रमाणपत्र के अभाव में निरस्त कर दिया गया। बाकी 8 फर...
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