अहमदाबाद, फरवरी 7 -- गुजरात के वडोदरा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां डेढ़ महीने तक एक साल का मासूम निमोनिया समझकर इलाज कराता रहा, लेकिन असल वजह कुछ और ही निकली। बच्चे की सांस की नली में एक छोटा सा एलईडी बल्ब फंसा हुआ था, जिसे डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बाहर निकाला। अब बच्चे की हालत पूरी तरह से ठीक बताई जा रही है। यह घटना वडोदरा के मालसर गांव की है। परिवार के अनुसार, बच्चा लंबे समय से तेज बुखार और लगातार खांसी से परेशान था। परिजन उसे कई निजी अस्पतालों में लेकर गए, जहां डॉक्टर उसके लक्षणों को निमोनिया मानकर इलाज करते रहे, लेकिन उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ।कैसे पता चली असली वजह जब डेढ़ महीने बाद भी बच्चा ठीक नहीं हुआ तो परिजन उसे गोटरी स्थित सरकारी जीएमईआरएस अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने बच्चे की ...