पटना, सितम्बर 7 -- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राष्ट्रीय उच्च पथ की परियोजनाओं के लिए किए जानेवाले भू-अर्जन की कार्रवाई में भूमि के किस्म/वर्गीकरण निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। एनएच एक्ट, 1956 के तहत अर्जनाधीन भूमि का किस्म/वर्गीकरण राज्य के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से निर्गत बाजार मूल्य निर्धारण संबंधी निर्देशों के आलोक में किया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने इस बाबत सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिला समाहर्ताओं को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि भू-अर्जन की कार्रवाई में महाधिवक्ता के परामर्श के अनुसार कार्य किया जाएगा। भूमि का वर्गीकरण खतियान में दर्ज किस्म के आधार पर किया जाता रहा है। किंतु लगभग 100 वर्ष पुराने खतियान में दर्ज भूमि किस्म एवं भूमि की वर्तमान उपय...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.