सोनभद्र, फरवरी 12 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कारपोरेशन के निदेशक वित्त को सेवा विस्तार देने की प्रबन्धन की कोशिशों का विरोध किया है। समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि बिजली के निजीकरण के लिए पावर कॉरपोरेशन के निदेशक वित्त जो निजीकरण के नोडल अधिकारी है ,को सेवा विस्तार दिया जाना अवैधानिक है। संघर्ष समिति ने कहा की अवैधानिक प्रक्रियाओं से निजीकरण करने की कोशिश का पुरजोर विरोध होगा। संघर्ष समिति निजीकरण के विरोध में अपना अभियान तब तक जारी रखेगी जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया जाता।संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि निदेशक वित्त का वर्तमान कार्यकाल 17 फरवरी को समाप्त हो रहा है। यह पता चला है कि उन्हे निजीकरण होने तक अवैधानिक ढंग से सेवा विस्तार दिया जा रहा है। इसके पूर्व 62 वर्ष की आयु पूरी ...
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