हजारीबाग, मार्च 22 -- हजारीबाग प्रतिनिधि जिले के निजी स्कूलों में फीस से लेकर कॉपी-किताब तक महंगा हुआ हैं। इन स्कूलों को सरकार की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं दी जाती है। ऐसे में स्कूल का खर्च बच्चों के फीस पर ही निर्भर है। जिले के शहर से लेकर गांव तक में निजी स्कूलों की भरमार है। कई स्कूल सीबीएसइ या आइसीएसइ से मान्याता प्राप्त है तो कई बिना मान्याता के ही संचालित हो रहे है। ऐसे में इन स्कूलों पर अंकुश लगाने की ईमानदार कोशिश नहीं की गई। स्कूल का फीस हो या फिर कॉपी किताब सब का शुल्क साल दर साल बढ़ता है। इनमें से अधिकांश स्कूलों में एडमिशन के नाम पर प्रत्येक वर्ष फीस लिया जाता हैं। जिन स्कूलों का अपना वाहन है, उनका भी किराया बढ़ता रहता है। एक अनुमान के मुताबिक प्रत्येक वर्ष पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी स्कूल फीस और वाहन शुल्क पर होती है।...
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