सोनभद्र, सितम्बर 1 -- अनपरा,संवाददाता। निजीकरण के बाद सरकार को निजी कंपनियों को कई साल तक अरबों खरबों रुपए की वित्तीय सहायता देनी पड़ेगी। यह दावा विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने करते हुए पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की निजीकरण प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की है। समिति ने प्रबंधन और निजी घरानों की मिली भगत बताते हुए कहा है कि स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट 2025 जिसके आधार पर निजीकरण किया जा रहा है,उसे सार्वजनिक कर इस पर उपभोक्ताओं और बिजली कर्मियों की राय ली जाय।आरोप लगाया कि निजीकरण हेतु तैयार किया गया स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट 2025 पूरी तरह एक तरफा है और निजी कंपनियां के पक्ष में बनाया गया है। इसके तहत निजी कंपनियों को ट्रांजिशन सपोर्ट के नाम पर न्यूनतम 05 से 07 वर्ष तक सस्ती दरों पर बिजली आपूर्ति करनी पड़ेगी जिस प...
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