सोनभद्र, जुलाई 18 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने शुक्रवार को आरोप लगाया है कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मियों का मनोबल तोड़ने के लिए उत्पीडनात्मक कार्रवाइयां कर रहा है। उत्पीड़न के तहत बिजली कर्मियों के घरों पर रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करने हेतु स्मार्ट मीटर लगाने की कार्यवाही की जा रही है। जबकि बिजली कर्मियों को रिफॉर्म एक्ट 1999 और ट्रांसफर स्कीम 2000 के अंतर्गत रियायती बिजली की सुविधा गजट नोटिफिकेशन के जरिए मिली है। इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में भी साफ लिखा है कम कि विद्युत परिषद के समय मिल रही सुविधा किसी भी स्तर पर कमतर नहीं होगी। स्मार्ट मीटर लगाकर रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करने की कोशिश इन सभी अधिनियमों का खुला उल्लंघन है। इससे बिजली कर्मचारी और पेंशनर तथा उनके प...
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