गोरखपुर, फरवरी 4 -- गोरखपुर। बिजली निगम के निजीकरण को लेकर बिजली कर्मियों का आंदोलन लगातार चल रहा है। बिजली कर्मियों ने बिजली निजीकरण के सभी प्रस्ताव वापस लिए जाने की मांग की है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा है कि संसद सदस्यों की सलाहकार समिति, बिजली कर्मियों के संगठन और अन्य स्टेकहोल्डर्स द्वारा किए जा रहे चौतरफा विरोध के बावजूद केंद्र सरकार निजीकरण को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है जो पूरी तरह अनुचित है। संसद सदस्यों की सलाहकार समिति की अब तक दो बैठक की जा चुकी हैं। पहली बैठक 18 दिसंबर 2025 को और दूसरी बैठक तीन फरवरी को आयोजित हुई। दोनों बैठकों में अधिकांश सांसदों ने प्रस्तावित अमेंडमेंट बिल का कड़ा विरोध किया है।
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