बुलंदशहर, मार्च 21 -- बिजली निजीकरण के खिलाफ अफसर-कर्मचारियों ने विरोध तेज कर दिया है। गुरुवार को महापंचायत कर निजीकरण के खिलाफ आंदोलन उग्र करने का ऐलान किया। बिजली अफसर-कर्मचारियों ने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की। महा पंचायत में कहा कि अफसर-कर्मचारियों के साथ आम जनमानस समेत किसानों को निजीकरण से घातक नुकसान होंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति निजीकरण को नहीं होने देंगे। जनहित में सरकार से निजीकरण का फैसला वापस लेना होगा। महा पंचायत में लखनऊ समेत कई जनपदों से निजीकरण का विरोध करने पहुंचे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय नेतृत्व में जनजागरण सभा और निजीकरण के विरोध में गुरुवार को हाइडिल कॉलोनी में महापंचायत की गई। अभियंता संघ के केंद्रीय महासचिव जितेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि निजीकरण से आम जनता, व्यापारी ...
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