सोनभद्र, फरवरी 10 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि निजीकरण के लिए तय किए गए मानक स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के ड्राफ्ट पूरी तरह असंवैधानिक है। समिति ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील की है कि निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए जिससे निजीकरण के नाम पर हो रहे बड़े घोटाले को रोका जा सके। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट टर्म इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में धारा 63 के अंतर्गत केवल ट्रांसमिशन और जेनरेशन की प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग के लिए इस्तेमाल किया गया है। ऊर्जा मंत्रालय ने अभी तक विद्युत वितरण के निजीकरण के लिए स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट फाइनल नहीं किया है । सितंबर 2020 में जारी किए गए स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के ड्राफ्ट पर सैकड़ो आपत्ति आई है और ...
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