रांची, फरवरी 20 -- रांची, विशेष संवादाता। रांची नगर निगम का चुनावी सफर 4 दशक में पूरी तरह बदल चुका है। 1986 में यहां पहली बार निगम चुनाव में दीवारों पर पेंटिंग, हाथ से लिखे पोस्टर और घर-घर जाकर संपर्क ही प्रचार का मुख्य तरीका था। हालांकि आज सोशल मीडिया, डिजिटल कैंपेन और हाईटेक मैनेजमेंट ने चुनावी प्रचार का चेहरा बदल दिया है। संसाधनों की कमी से शुरू हुआ यह सफर अब तकनीक और प्रतिस्पर्धा से भर गया है। तब पोस्टर पर सियासत होती थी, लेकिन अब 'पिक्सल' में प्रचार जोर पकड़ चुका है। प्रचार का तरीका डिजिटल मोड में होने लगा है। साधारण शुरुआत, सीमित संसाधन वर्ष 1986 में रांची में पहली बार नगर निकाय चुनाव हुए थे। उस समय रांची जिला मुख्यालय था और संसाधन बेहद सीमित थे। चुनाव प्रचार बेहद सादगी से होता था। दीवारों पर हाथ से पेंटिंग, मोहल्लों में बैठकें और घ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.