लखनऊ, जनवरी 25 -- प्रदेश के सभी निकायों को बताना होगा कि उनके पास कितनी संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों की जानकारी इसलिए मांगी जा रही है, जिससे इसमें किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो सके। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में काफी संख्या में निकायों के अधीन संपत्तियां हैं, लेकिन इन संपत्तियों की सूचना न होने से इन पर आए दिन अवैध कब्जे होते रहते हैं। शासन ने इस संबंध में स्थानीय निकाय निदेशालय को निर्देश भेज दिया है। इसके मुताबिक निकायों को यह बताना होगा कि उनके पास कितनी संपत्तियां हैं। भौतिक संपत्तियों में भूमि, भवन, कार्यालय, आवासीय, सड़कें, पुल, सिंचाई परियोजनाएं, मशीनरी उपकरण और वाहन उनके पास कितने हैं। वित्तीय स्थिति के बारे में बताना होगा कि बजट की क्या स्थिति है। सालाना निकायों द्वारा कितना हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स की वसूली की जाती है...