कानपुर, फरवरी 8 -- पुखरायां, संवाददाता। स्थानीय कस्बे में आयोजित आध्यात्मिक सत्संग में संत निरंकारी मिशन के महात्मा जवाहर लाल ने कहाकि जब जीवन में राम नाम रूपी धन प्राप्त हो जाता है तो यह लोक ही नहीं परलोक भी सही हो जाता है। महात्मा जवाहरलाल ने कहाकि प्रेम ही रिश्तों की पहचान है इंसान दिल से प्यार से सुखी जीवन बिताना चाहता है, लेकिन जब प्यार में स्वार्थ का भाव आ जाता है तो विश्वास में कमी आ जाती है। और रिश्तों में करवाहट महसूस होने लगती है। इंसान सुखी नहीं हो पाता क्योंकि यह संबंध भी माया का ही रूप है। कहाकि प्रभु की प्राप्त के बाद एक दिव्य प्रेम सारे संसार के लिए उत्पन्न होता है, जिसमें कोई भेदभाव नहीं रह जाता फिर सारा संसार ही प्यार का सागर लगता है और सारे संसार के लिए निस्वार्थ प्रेम होता है, जो रिश्तों में भी दृढ़ता लाता है। जब सतगुरु ...