बोकारो, फरवरी 9 -- स्थानीय प्रखंड की लौह नगरी भेंडरा में अंबेडकर समाज द्वारा संत रविदास की 649वीं जयंती मनायी गई। मुख्य अतिथि जिला परिषद सदस्य महेंद्र प्रसाद साव ने संत रविदास की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका सबसे प्रसिद्ध दोहा रहा जिसके जरिए वे प्रत्येक मनुष्य को मन की ताकत को समझाने का प्रयास किया। उस दोहे के जरिए संत रविदास कहते हैं कि जिस मनुष्य का मन पवित्र और निर्मल होता है, वह कोई भी छोटा या बड़ा कार्य करता हो, वह गंगा की तरह पवित्र और पूजनीय होता है। निर्मल रविदास, मुरली सिंह, सोनू चौरसिया, सुकुमार विश्वकर्मा, संतोष रजक, आनंद विश्वकर्मा के अलावा समिति के राजेंद्र राम, बाबूलाल , डॉ भुनेश्वर, जागेश्वर कुमार, महेंद्र दास, हरि दास, छेदी दास, सानू दास, विष्टू दास, नकुल दास, मोती दास, गोकुल दास, हुलास दास, शशि कुमार, दिव्या देवी...
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