निज संवाददाता, मई 9 -- राजगीर के ऐतिहासिक तथ्यों पर वैज्ञानिकों की मुहर लगेगी। शिक्षा में विश्व के प्राचीनतम शोध केंद्र नालंदा विश्वविद्यालय के प्राचीन फैलाव क्षेत्र की खोज की जाएगी। इसके लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की छह सदस्यीय टीम गुरुवार को राजगीर में लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सर्वे शुरू कर चुकी है। इसरो टीम सबसे पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के उत्खनन और दुनिया भर के इतिहासकारों द्वारा राजगीर और नालंदा के बारे में लिखी गई बातों के तथ्यों की हकीकत का पता लगाएगी। अजातशत्रु किला मैदान के साथ-साथ चीन की दीवार से भी पुरानी और अनोखी तकनीक से बनी साइक्लोपियन दीवार और राजगीर के सभी प्राचीन स्थलों के रहस्यों से पर्दा हटाने की कोशिश चल रही है। देश-दुनिया को ऐतिहासिक तथ्यों की वैज्ञानिक जानकारी देने के लिए एएसआई क...
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