देवरिया, नवम्बर 9 -- देवरिया, निज संवाददाता। नाम मिसमैच ने फार्मर रजिस्ट्री पर ब्रेक लगा दिया है। फार्मर रजिस्ट्री को खतौनी और आधार में एक समान नाम होना चाहिए। अधिकांश किसानों का खतौनी में अधूरा नाम है। आधार व खतौनी का नाम मैच नहीं करने से फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो रही है। बिना फार्मर रजिस्ट्री पीएम सम्मान निधि की 21 वीं किस्त नहीं मिलेगी। अनुदान का बीज लेने को फार्मर रजिस्ट्री कराना जरूरी है। अभी तक जिले के 53 फीसदी किसानों का फार्मर रजिस्ट्री हुआ है। किसानों की सभी जमीनों का ब्योरा एक जगह करने को फार्मर रजिस्ट्री किया जा रहा है। इसमें आईडी नंबर बनाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री के बाद कम्प्यूटर पर आईडी नंबर डालने के बाद किसान के सभी जमीनों का ब्योरा सामने होगा। फार्मर रजिस्ट्री होने से किसानों को जरूरत पड़ने पर विभिन्न नंबरों का खसरा, खत...