सीतामढ़ी, अप्रैल 20 -- सीतामढ़ी, हमारे प्रतिनिधि। महात्मा गांधी की परिकल्पना के तहत गांव में 1950 में बुनियादी विद्यालयों की स्थापना की गई थी। उद्देश्य था ग्रामीण छात्रों को स्वरोजगार मुहैया कराना। साथ ही स्वावलंबन की ओर प्रेरित करने का मूल उद्देश्य था। उस समय छात्र एवं युवा बुनियादी शिक्षा से काफी लाभान्वित थे। लेकिन 70 के दशक में इसका स्वरूप बदलने लगा। अब बुनियादी विद्यालय को सर्व शिक्षा अभियान से जोड़ दिया गया है। प्रखंड के सुदूर इलाके में स्थापित बुनियादी विद्यालयों में वर्तमान में शिक्षकों की कमी के कारण पठन-पाठन व्यवस्था चरमराई हुई है। बुनियादी विद्यालय की स्थापना सन 1950 में हुई थी। उसे समय विद्यालय में छात्रों को शिक्षा देने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध थे। 1960 के दशक में इस विद्यालय के छात्र रहे विजय सिंह, वैद्यनाथ झा, नन्हें सिंह, खे...
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