महाराजगंज, दिसम्बर 1 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। एसआईआर प्रक्रिया उन महिलाओं के लिए नई दीवार बन गई है जो प्रेम विवाह के बाद अपना नाम बदल चुकी हैं। सिस्टम उनसे 2003 की मतदाता सूची से मायके के रिश्तों का ब्योरा चाह रहा है, लेकिन बदले नाम व टूटे पारिवारिक रिश्तों की वजह से यह काम उनके लिए परीक्षा बन गई है। नई पहचान वाली महिलाओं की मैपिंग में फंस रहा पेंच: एसआईआर की प्रक्रिया में जब बीएलओ 2003 की मतदाता सूची से पारिवारिक मिलान करने का प्रयास कर रहे हैं, तब उसकी पुरानी पहचान चंदा कहीं नहीं मिल रही। नए नाम व मायके का संबंध मिसमैच होते ही मैपिंग रुक जा रही है। इस तरह के मामले में बीएलओ तीसरे आप्शन के साथ यह कहते हुए वेरीफाई कर दे रहे हैं कि आपके पास नोटिस जाएगा। उसके बाद पहचान साबित करना होगा। निचलौल क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि 2003 की मतद...