नई दिल्ली, अगस्त 2 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा है कि कानून के तहत नाबालिग से विवाह अमान्य है। ऐसे में नाबालिग से विवाह इस्तेमाल दुष्कर्म के आरोप से बचने के लिए नहीं किया जा सकता है। जस्टिस संजीव नरूला की अदालत ने कहा कि नाबालिग से विवाह भारतीय कानून के तहत अमान्य है। ऐसे में नाबालिग से विवाह का इस्तेमाल अपराध को वैधानिक रूप देने के लिए लागू नहीं किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि जब पीड़िता सहमति देने की उम्र से कम है, तो वहां उसकी सहमति कोई मायने नहीं रखती। इसके साथ ही अदालत ने एक आरोपी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने लगभग 16 साल की एक नाबालिग का बार-बार यौन उत्पीड़न करने के आरोप में दर्ज मामले में जमानत की मांग की थी। इस मामले में पीड़िता ने बाद में आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्...
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