बक्सर, जून 5 -- बक्सर। बिहार प्रदेश कांग्रेस के वरीय नेता टीएन चौबे ने कहा कि बिहार में कानून एवं स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। ऐसे में बिहार में राष्ट्रपति शासन के अलावा कोई चारा नही है। मुजफ्फरपुर में दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद जिस तरह के सवाल उठ रहे हैं। वह केवल लड़की की मौत ही नहीं, बल्कि सामाजिक तंत्र और राज्य की संवैधानिक जिम्मेवारी की विफलता का प्रतीक है। शासन का मौन सबसे बड़ा अपराध है। यह घटना राज्य सरकार की लापरवाही एवं संवेदनहीनता को उजागर करता है। बिहार में एससी-एसटी समुदाय पर जिस तरह से अपराध हो रहे हैं। उस पर कोई लगाम नहीं है। नौ वर्षीय बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म में पीएमसीएच में इलाज नहीं हो सका। एम्बुलेंस में छोड़ देने से उसकी मृत्यु हो गई। सूबे के मुख्यमंत्री सुशासन बाबू को नैतिकता के आधार पर इस्ती...
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