प्रयागराज, दिसम्बर 7 -- विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले अनिल बिंद को 21 वर्ष की कठोर कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया। अदालत ने कहा कि नाबालिगों पर बढ़ते लैंगिक अपराधों पर रोक लगाना न्यायालयों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में कठोर दंड ही समाज को संदेश देता है। मामले में विशेष लोक अभियोजक विनय कुमार त्रिपाठी ने अदालत में पैरवी करते हुए बताया कि पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्य आरोपी की संलिप्तता पूरी तरह साबित करते हैं। अभियोजन के अनुसार, घटना सरायइनायत थाना क्षेत्र में 23 अक्तूबर 2022 की रात की है। पीड़िता के पिता खेत पर धान की रखवाली करने गए थे। रात लगभग 2 बजे जब वह घर पहुंचे, तो उन्होंने अपनी 15 वर्षीय बेटी क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.