नई दिल्ली, फरवरी 18 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले में 11 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के दोषी पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल की पांच साल की कैद की सजा को बरकरार रखा है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा है कि पीड़िता को गलत तरीके से छुए जाने की पहचान है और उसने इस हादसे को पूरी स्पष्टता के साथ वर्णित किया है। इस मामले में कोर्ट ने आर्म्ड फोर्सज ट्रिब्यूनल के फैसले को सही ठहराया है। जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और नीला गोखले की पीठ ने सोमवार को आर्म्ड फोर्सज ट्रिब्यूनल के जनवरी 2024 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले जनरल कोर्ट मार्शल ने मार्च 2021 में POCSO एक्ट के तहत अधिकारी को यौन उत्पीड़न का दोषी पाया था और उसे पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी। इससे पहले पूर्व अधिकारी ने अपनी याचिका में दलील देते हुए...
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