संभल, अगस्त 20 -- मजदूर योगेश उर्फ दुर्गेश की हत्या से जहां पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं उसकी मौत का सदमा उसकी दादी अनारो देवी सह न सकीं। नाती की मौत की खबर सुनते ही दादी बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। घर में चीख-पुकार मची तो लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन रोते-रोते उनका भी दम टूट गया। गांव नगला अजमेरी की गलियां उस समय शोकाकुल हो उठीं जब एक ही परिवार से दो-दो अर्थियां उठीं। पहले पोते की लाश घर पहुंची और कुछ ही देर में बुजुर्ग दादी का पार्थिव शरीर भी चारपाई पर रख दिया गया। पूरे गांव में मातम का सन्नाटा पसर गया। मृतक योगेश अपने पीछे पत्नी सर्वेश देवी और चार छोटे-छोटे बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गया। घर में मासूम बच्चे बार-बार दादी से पूछते रहे, दादी. पापा क्यों नहीं आ रहे? लेकिन दादी की आंखों में सिर्फ आंसू थे। नात...
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