प्रयागराज, जनवरी 11 -- उर्दू के महान शायर मिर्जा गालिब को समकालीन समय से संवाद में लाने वाला नाटक फरेब-ए-हस्ती रंगमंच पर नए और आकर्षक प्रयोग के रूप में रविवार को दिखाई दिया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से बैकस्टेज संस्था की ओर से जगत तारन स्कूल के रविंद्रालय सभागार में नाट्य प्रस्तुति की गई। वरिष्ठ रंगकर्मी प्रवीण शेखर के निर्देशन में हुई प्रस्तुति में मंचन के जरिए दर्शाया कि कैसे हादसे के बीच मिर्जा गालिब को मौजूदा सदी में पेश होना पड़ता है। यह हादसा इतना दिलचस्प रहा कि 18वीं सदी का मशहूर शायर जब आज की दिल्ली में घूमता है तो मानो हर चीज उससे मजाक या कॉमेडी करती नजर आती है। इस रोचक फंतासी को एकदम यर्थाथवादी अंदाज में प्रस्तुत किया गया। जहां पर हर दृश्य के बाद स्थितियां और भी ड्रामाई होती चली जाती हैं। इन सब के बीच माजी और हाल क...
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