वाराणसी, फरवरी 24 -- 23 एके 04 : महाकवि जयशंकर प्रसाद ट्रस्ट की ओर से संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के योग साधना केंद्र में आयोजित नाट्य कार्यशाला में रविवार को अभ्यास करते युवक-युवतियां। वाराणसी, मुख्य संवाददाता। महाकवि जयशंकर प्रसाद के नाटकों में नाट्यशास्त्र के सिद्धांतों का गहन पालन और संवर्धन देखने को मिलता है। प्रसाद के नाटकों का उत्कृष्ट मंचन करने के लिए नाट्यशास्त्र का अध्ययन अनिवार्य है। ये बातें नाट्य गुरु डॉ. गौतम चटर्जी ने कहीं। वह रविवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के योग साधना केंद्र में आरंभ हुई नाट्य कार्यशाला में मुख्य वक्ता थे। महाकवि जयशंकर प्रसाद ट्रस्ट, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में महाकवि जयशंकर प्रसाद के साहित्य पर आधारित नाट्य कार्यशाला में उन्ह...
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