पटना, जुलाई 1 -- भाकपा-माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर जितनी सफाई चुनाव आयोग दे रहा है, मामला उतना ही ज़्यादा उलझाऊ और संदेहास्पद होता जा रहा है। मंगलवार को बयान जारी कर श्री भट्टाचार्य ने कहा कि गहन पुनरीक्षण हर साल होने वाली सामान्य प्रक्रिया नहीं है। आजादी के बाद से आज तक किसी मतदाता से उसकी नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज नहीं मांगे गये। अगर किसी पर संदेह है तो उसे साबित करने की जिम्मेदारी राज्य की रही है। लेकिन, अब हर मतदाता पर शक करके ऐसे कागज मांगे जा रहे हैं, जो आज भी करोड़ों भारतीयों के पास नहीं हैं।
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