रांची, जनवरी 28 -- झारखंड हाई कोर्ट ने मेयर के पदों के लिए सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिससे राज्य में इन चुनावों का रास्ता साफ हो गया। झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने शांतनु कुमार चंद्र द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए पाया कि इसमें कोई ठोस तथ्य नहीं है। याचिकाकर्ता ने धनबाद और गिरिडीह में महापौर के पद पर नियुक्ति के लिए सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने यह दलील दी थी कि सरकार ने दो शहरी स्थानीय निकायों में पदों पर नियुक्ति के लिए एक त्रुटिपूर्ण आरक्षण नीति बनाई है। उन्होंने दलील दी कि महापौर पद के लिए आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है, जो कि बहुत पुरानी जनगणना है। यह भी पढ़ें- रांची नाले में बच्चे की मौत पर क्या ...