मुजफ्फरपुर, फरवरी 21 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। एईएस (चमकी बुखार) का इलाज पुराने प्रोटोकॉल के अनुसार ही होगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार देने के बाद ही मरीज को एसकेएमसीएच रेफर किया जाएगा। दवाओं की उपलब्धता प्रचूर मात्रा में रहेगी। स्पेशल डेडिकेटेड वार्ड भी बनाए जाएंगे। इस साल भी एईएस को लेकर वृहद स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। शनिवार को मॉडल अस्पताल में आयोजित मेडिकल एक्सपर्ट कमेटी की बैठक में यह निर्णय हुआ। इस साल चमकी बुखार से पीड़ित बच्चे मिलने शुरू हो चुके हैं। एसकेएमसीएच के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपालशंकर सहनी ने कहा कि इलाज प्रोटोकाल में बदलाव नहीं होगा। अगर मुख्यालय स्तर पर इसमें आने वाले दिन में कोई नया सुझाव होगा तो उसको शामिल किया जाएगा। एईएस के मरीज पर आशा कार्यकर्ता नजर रखेंगी। ...