आजमगढ़, फरवरी 6 -- आजमगढ़,संवाददाता। हरिऔध कला केंद्र में आयोजित पुस्तक मेले के पांचवें दिन शुक्रवार को जल जीवन मीशन एवं शुद्ध जल विषय पर विमर्श का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने जल संरक्षण से संबंधित बिन पानी सब सून, जल थल मल, पानी का शाप, आज भी खरे हैं तालाब, ऋणजल-धनजल, बाल साहित्य में एन बी टी से पानी में मस्ती, अन्न-जल और नदी आदि पुस्तकों का चयन किया। हरिशंकर सोनकर, राजेन्द्र उपाध्याय, सुजीत सैनी, राजीव, विरेन्द्र, असलम, रेनु ने नाट्य मंचन के जरिए जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया। मुख्य अतिथि एमए किदवई ने कहा कि जलसंकट आज के समय की सबसे ज्वलंत समस्या है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो कुछ ही वर्षा में धरती का बहुत बड़ा हिस्सा रेगिस्तान में तब्दील हो जाएगा। इन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि आज से ही जल संचय की कोशिश...