गौरीगंज, जून 5 -- अमेठी। जून की तपिश के बीच अमेठी जनपद के किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिंचाई बनकर खड़ी हो गई है। जिले भर की नहरों में पानी न होने से किसान परेशान हैं। खेत सूखे पड़े हैं, और धान की नर्सरी डालने में देरी हो रही है। कहीं नहरों में धूल उड़ रही है, तो कहीं रजबहा और अल्पिकाएं खरपतवार और झाड़ियों से पट चुकी हैं। किसान निजी नलकूपों पर निर्भर हो गए हैं, जिससे खेती की लागत दोगुनी हो रही है। वहीं गरीब किसान, जो पूरी तरह नहरों पर आश्रित हैं, सबसे अधिक प्रभावित हैं। जगदीशपुर क्षेत्र में नहरों का जाल बिछा है, लेकिन इनमें पानी नहीं है। राम गोपाल, हरिओम, कामता, ओमप्रकाश जैसे कई किसानों का कहना है कि समय से पानी न मिलने से खेतों की तैयारी में दोगुना समय और खर्च लग रहा है। तालाब भी सूख चुके हैं जिससे जंगली जानवर पानी की तलाश में आबादी...
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