जयपुर, दिसम्बर 15 -- राजस्थान में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा और निर्णायक कदम उठने जा रहा है। ड्रग कंट्रोलर विभाग अब शेड्यूल एच-1 में शामिल दवाओं की फैक्ट्री से लेकर मरीज तक पूरी डिजिटल निगरानी करेगा। इसके लिए एक खास मोबाइल एप और वेब पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसमें दवा बनाने वाली कंपनी, डिस्ट्रीब्यूटर और मेडिकल स्टोर-तीनों को अनिवार्य रूप से एंट्री करनी होगी। अब सवाल यह है कि यह सिस्टम काम कैसे करेगा और इससे मेडिकल नशे पर कैसे लगाम लगेगी? दरअसल, शेड्यूल एच-1 में वे दवाएं आती हैं, जिनका दुरुपयोग नशे के तौर पर होने की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। इनमें तेज पेन किलर, खांसी की दवाएं, नींद और मनोरोग से जुड़ी दवाएं, कुछ एंटीबायोटिक्स और टीबी रोधी दवाएं शामिल हैं। राजस्थान में ऐसी करीब 50 दवाएं हैं, जिन्हें बिना ड...