मुजफ्फरपुर, फरवरी 5 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिले में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की 10 वर्षों से जांच नहीं की गई है। वर्ष 2016 में शराब बंदी के बाद सरकारी अस्पतालों में नशा मुक्ति केंद्र खोले गए थे। इसके बाद कई जगहों पर निजी नशा मुक्ति केंद्र भी खुले। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग के पास इन केंद्रों का कोई रिकार्ड नहीं है। इन केंद्रों की अब तक जांच भी नहीं हुई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि नशा मुक्ति केंद्रों संचालन के लिए लाइसेंस भी जारी नहीं किया गया है। क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अजय कुमार का कहना है कि इस बारे में जानकारी ली जाएगी। मामले में उचित कार्रवाई भी की जाएगी। मुजफ्फरपुर जिले में दर्जन भर से अधिक नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं। कई डॉक्टर अपनी क्लीनिक में भी केंद्र का संचालन कर रहे हैं।...
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