बागेश्वर, नवम्बर 3 -- नव निर्वाचित अधिकतर ग्राम प्रधानों को मोहर व बस्ता नहीं मिल पाया है। इसके लिए वार्ड सदस्यों का मानक पूरा नहीं होना मुख्य वजह है। वार्ड सदस्य के चुनाव के लिए अभी तक आचार संहिता लागू नहीं होने पर ग्राम प्रधानों ने कड़ी आपत्ति जताई है। कहा कि यदि चुनाव आयोग ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो ग्राम प्रधान आंदोलन करेंगे और न्यायालय की भी शरण लेंगे। विकास कार्य प्रभावित होने से वह चिंतित हैं। जिला पंचायत परिसर में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रधानों ने स्पष्ट कहा कि यदि 15 नवंबर तक पंचायत गठन संबंधी निर्णय नहीं लिया जाता है तो वे 20 नवंबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। प्रधानों ने कहा कि पंचायतें भंग होने के बाद से ग्रामीण विकास पूरी तरह रुक गया है। मनरेगा, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, बिजली और सार्वजनिक निर्माण कार्यों प...
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