अलीगढ़, दिसम्बर 7 -- (सवालों में अस्पताल) अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। निजी अस्पतालों का पंजीकरण-नवीनीकरण पूरे वर्ष अटका रहा, मगर ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू और आपात सेवाएं बिना किसी रोक-टोक के चलती रहीं। भौतिक सत्यापन में देरी के कारण सीएमओ कार्यालय में नवीनीकरण की फाइलें महीनों से धूल फांकती हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन बेधड़क संचालन में जुटा है। नियमानुसार नवीनीकरण न होने पर अस्पताल अपंजीकृत श्रेणी में आ जाते हैं, पर यहां मानो कागजी प्रक्रिया ही औपचारिकता बन चुकी है। सरकारी चेकलिस्ट, निरीक्षण और सत्यापन रिपोर्ट सब हाशिए पर धकेल दी गईं, जबकि मरीजों की सुरक्षा से सीधे खिलवाड़ जारी है। निजी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के नाम पर जनपद में अस्पतालों का कारोबार लगातार चढ़ान पर है, लेकिन उनकी वैधता और नियमपालन की तस्वीर बिल्कुल उलट है। पंजीकरण का नवीनीकरण...