दरभंगा, अक्टूबर 20 -- बेनीपुर। जब पूरा देश कार्तिक अमावस्या की रात को दीपों से जगमगाता है, मिथिला का हृदयस्थल कहे जाने वाले दरभंगा जिले के दो गांवों बेनीपुर प्रखंड के नवादा और बहेड़ी प्रखंड के पघारी एक दिन पहले ही दिवाली की चमक बिखेर देते हैं। यहां एक दिन पहले ही दीपावली मनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। दीपों की रौशनी, आतिशबाजियों की गूंज और आध्यात्मिक उल्लास से भरपूर यह परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत है, जितनी कभी पहले थी। इन दोनों गांवों में दिवाली को लेकर कोई लिखित इतिहास तो नहीं है, लेकिन कई जनश्रुतियं और लोक मान्यताएं इसे जीवंत बनाए रखती हैं। बुजुर्ग बताते हैं कि नवादा गांव के आदि पुरुष पं. रत्नाकर झा ने मां हयहटृ देवी की आराधना दिवाली के एक दिन पहले की थी। उनकी भक्ति की स्मृति में यह परंपरा शुरू हुई, जो आज भी पूरे श्रद्धा के साथ न...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.