बक्सर, सितम्बर 23 -- बक्सर, हिन्दुस्तान संवाददाता। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां भगवती के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना हुई। मां के मंदिरों में भक्तों की काफी भीड़ रही। आचार्य पंडित नरोत्तम द्विवेदी ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन मां के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी साधना, तपस्या और ज्ञान की देवी हैं। इनके आराधना से जीवन में सफलता, ज्ञान और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। इनका रूप बेहद सरल, सौम्य और दिव्य है। सफेद वस्त्र धारण किए मां के एक हाथ में जप की माला तो दूसरे हाथ में कमंडल रहता है। मंगलवार को शक्ति के उपासकों ने विधिपूर्वक मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की। उपासकों ने सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण किए। दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। मां को अक्षत, कुमकुम और पुष्प अर्पित किया। सा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.