मिर्जापुर, सितम्बर 23 -- विंध्याचल, हिन्दुस्तान संवाद। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां विंध्यवासिनी के दरबार में सुबह दस बजे तक मात्र 50 हजार श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए पहुंचे। इससे श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन करने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई। वहीं मेला की व्यवस्था में जुटे प्रशासनिक अफसरों ने भी राहत की सांस ली। मंगलवार को तीन बजे भोर मंगला आरती के बाद मां विंध्यवासिनी के गर्भगृह का कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन के लिए खोल दिया गया। गर्भगृह का कपाट खुलते ही श्रद्धालु दर्शन पूजन करने में जुट गए। गर्भगृह में श्रद्धालुओं के पहुंच जाने से तिल रखने की भी जगह नहीं बची। मां की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु बेताब रहे। मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के बाद श्रद्धालुओं ने अष्टभुजा और कालीखोह मंदिरों में मत्था टेक त्रिकोण परिक्रमा में जुट गए...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.