नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- Navratri 5th Day, Maa Skandamata: नवरात्रि के पांचवें दिन आदिशक्ति मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, मां स्कंदमाता भक्तों पर अपने पुत्र के समान प्रेम या स्नेह लुटाती हैं। मान्यता है कि मां की उपासना करने से नकारात्मक शक्ति दूर होती हैं और मनवांछित फल मिलने के साथ ही कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। मां स्कंदमाता की विधि-विधान से आराधना करने से साधक के लिए मोक्ष का रास्ता भी सुलभ हो जाता है। यह भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की माता हैं, इसी कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। जानें मां स्कंदमाता का स्वरूप, पूजा विधि, भोग, मंत्र, पुष्प, शुभ रंग व आरती। मां स्कंदमाता का स्वरूप: मां स्कंदमाता एक शेर पर विराजमान हैं और उनके चार हाथ हैं। मां की गोद में भगवान स्कंद बालरूप ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.